Sunday, May 1, 2011

माँ की ममता..............









मैंने बंदरो में एक अलग पारिवारिक माहौल देखा | बन्दर अपने बच्चे के साथ बैठा तो मेरे मन में फोटो लेने की इच्छा मै कैमरा निकलकर जैसे ही क्लीक किया वैसे ही बंदर अपने बच्चे को उठाकर परिवार के मुखिया के पास चला गया और कुछ बाते करने लगा | जैसे मै उसके बच्चे को उठा ले जाउगा

Friday, April 29, 2011

ये प्यास है बड़ी ..........



भरी दोपहरी एक चिड़िया पानी की तलाश में भटक रही थी | जब चिड़िया बंद पानी के पाइप पर बैठकर इन्तिज़ार कर रही थी | कि कब नल चले और एक बूंद पानी कि मिल जाये क्यों कि ये प्यास है बड़ी ..............

Tuesday, April 26, 2011

हम है यहाँ के राजा ............




आज राजधानी रायपुर से दस किलो मीटर स्थित नंदनवन पार्क गया था | वहा पर मैंने एक अलग नज़ारा देखा दो शेरो का जोड़ा पानी में गोता लगा रहा था | पर अचानक तीसरा शेर वहा आया और शेरो का जोड़ा उसे देखर पानी से बाहर आ गये मानो कोई राजा हो| और अपने भाईयो से कह रहा कि बहुत मस्ति कर लिए हो अब चलो पानी से बाहर निकलो

Sunday, April 24, 2011

Saturday, April 23, 2011